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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के सिर में चोट लगना
बचà¥à¤šà¥‡ चाहे किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के हों, उनके सिर में चोट लगने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बनी ही रहती है। लेकिन छोटे बचà¥à¤šà¥‡ जब चलना सीखते हैं, तो इस दौरान गिरकर सिर में चोट आने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। सिर और चेहरे पर आने वाले छोटी और सतही चोट आमतौर पर बिना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशानी के ठीक हो जाती है। सिर पर थोड़ा सा à¤à¥€ कट जाà¤, तो उसमें से काफी खून निकल सकता है, जो कि परेशान कर सकता है लेकिन यह चोट आमतौर पर अधिक गंà¤à¥€à¤° नहीं होती है और घर पर ही देखà¤à¤¾à¤² के साथ ठीक हो जाती है। लेकिन, अगर सिर में अंदरूनी चोट लग जाà¤, तो दिमाग पर लगने वाले किसी आघात या किसी गंà¤à¥€à¤° तकलीफ के बारे में बता पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। यह लेख आपको सिर में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की चोट, उनके लकà¥à¤·à¤£ और उनके इलाज के तरीकों को समà¤à¤¨à¥‡ में मदद करेगा।
सिर की चोट कà¥à¤¯à¤¾ होती है?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सिर में लगने वाली चोट को विकलांगता और मृतà¥à¤¯à¥ के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारणों में से à¤à¤• माना जाता है। हेड इंजरी शबà¥à¤¦ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से बचà¥à¤šà¥‡ की खोपड़ी, सिर की तà¥à¤µà¤šà¤¾, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और बचà¥à¤šà¥‡ के सिर में बà¥à¤²à¤¡ वेसल, मांसपेशियों, हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और टिशू को आघात पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¨à¥‡ वाली कई तरह की चोटों के बारे में बताया जा सकता है। साधारण शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में, सिर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में लगने वाली कोई à¤à¥€ चोट या टà¥à¤°à¥‰à¤®à¤¾ को हेड इंजरी कहा जा सकता है।
सिर की चोट थोड़ी सी सूजन, जमा हà¥à¤† खून या सिर पर à¤à¤• छोटा सा कट à¤à¥€ हो सकता है या फिर आघात, खà¥à¤²à¥‡ घाव, गहरे कट, अंदरूनी बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग या खोपड़ी की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° के कारण होने वाला टà¥à¤°à¥‰à¤®à¤¾à¤Ÿà¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‡à¤¨ इंजरी (टीबीआई) à¤à¥€ हो सकता है।
सिर की चोट के पà¥à¤°à¤•ार
सिर की चोट दो तरह की हो सकती है, सिर की अंदरूनी चोट और सिर की बाहरी चोट। अंदरूनी चोट सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ दिमाग या खोपड़ी से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है, जिसमें खोपड़ी के अंदर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ बà¥à¤²à¤¡ वेसल à¤à¥€ शामिल होते हैं। वहीं बाहरी चोट आमतौर पर सिर की तà¥à¤µà¤šà¤¾ से संबंधित होती है।
सिर की अंदरूनी चोट
हमारा मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• सेरेबà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² फà¥à¤²à¥‚इड (सीà¤à¤¸à¤à¤«) से ढका होता है, जो कि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को चोटों से बचाता है। लेकिन अगर सिर पर गंà¤à¥€à¤° चोट लग जाà¤, तो इससे दिमाग पर चोट लग सकती है या खोपड़ी की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, मांसपेशियों या बà¥à¤²à¤¡ वेसलà¥à¤¸ को आघात पहà¥à¤à¤š सकता है। इसलिठसिर की अंदरूनी चोटों को आमतौर पर गंà¤à¥€à¤° माना जाता है और यह जानलेवा à¤à¥€ हो सकता है।
लकà¥à¤·à¤£
अगर सिर में अंदरूनी चोट लगने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ में नीचे दिठगठलकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं, तो आपको तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤ इनमें से कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
बचà¥à¤šà¤¾ कई सेकंड तक बेहोश रहता है
à¤à¤¾à¤°à¥€ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग, जिसके कम होने या रà¥à¤•ने के कोई संकेत नहीं दिखते हैं
बचà¥à¤šà¥‡ को बेहोशी या दौरा आता है
बचà¥à¤šà¤¾ शरीर में आंशिक सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤ªà¤¨ या कमजोरी महसूस करता है
बोलने में और देखने (डबल दिखना) में परेशानी
बचà¥à¤šà¤¾ घटना को याद करने में सकà¥à¤·à¤® नहीं होता है या बार-बार à¤à¤• ही सवाल पूछता है
असामानà¥à¤¯ सांस की गति
आप कà¥à¤¯à¤¾ कर सकते हैं?
सबसे पहले यह जरूरी है, कि बचà¥à¤šà¥‡ के à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट के बाद आप शांत रहें। शांत रहने से आपको सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को ठीक से संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ में मदद मिलेगी। सिर की आंतरिक चोट की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में नà¥à¤•सान का सही तरह से पता लगाना आसान नहीं होता है, इसलिठà¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हमेशा à¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करने में ही समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€ होती है। à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट के बाद अगले 24 घंटों तक बचà¥à¤šà¥‡ पर नजर रखने की सलाह दी जाती है, ताकि किसी चिंताजनक संकेत का पता लगाया जा सके। डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के बिना बचà¥à¤šà¥‡ को कोई à¤à¥€ दवा नहीं देनी चाहिà¤à¥¤
अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ होश में है, तो जितना हो सके, बचà¥à¤šà¥‡ को शांत करने के लिठअपनी तरफ से हर संà¤à¤µ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। चोट पर सीधा दबाव डालने से बचें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि किसी तरह के फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में यह और à¤à¥€ गंà¤à¥€à¤° रूप ले सकता है। अगर बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कर रहा है, तो उसे चोकिंग से बचाने के लिठबाईं करवट पर सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚।
अगर बचà¥à¤šà¤¾ बेहोश है, तो उसे हिलाने-डà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ से बचें। उसके सिर और गरà¥à¤¦à¤¨ को सीधा रखें, ताकि गरà¥à¤¦à¤¨ या रीॠको किसी संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नà¥à¤•सान से बचाया जा सके। बेहोशी की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में टाइट कपड़ों को ढीला कर दें, खासकर गरà¥à¤¦à¤¨ के आसपास। फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¤¡ देने के लिठबचà¥à¤šà¥‡ के शरीर की चोटों की जांच करें और तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚ या जा कर मिलें।
सिर की बाहरी चोट
सिर की बाहरी चोट à¤à¤²à¥‡ ही कोई मामूली कट ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ना हो, उसमें से खून बहà¥à¤¤ बहता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सिर की तà¥à¤µà¤šà¤¾ और चेहरे में अनगिनत बà¥à¤²à¤¡ वेसल होते हैं, जो कि तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सतह से काफी नजदीक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होते हैं। सिर में किसी तरह की चोट की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में, सिर की तà¥à¤µà¤šà¤¾ की नसों में मौजूद खून या तरल पदारà¥à¤¥ लीक हो सकता है और तà¥à¤µà¤šà¤¾ के अंदर इकटà¥à¤ ा हो सकता है, जिससे सिर पर सूजन या “गूज़ à¤à¤—†हो सकता है। इस सूजन को ठीक होने में कई दिन लग सकते हैं।
लकà¥à¤·à¤£
सिर की बाहरी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर चोट लगने पर बचà¥à¤šà¥‡ में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£ दिख सकते हैं:
गंà¤à¥€à¤° सिर दरà¥à¤¦
बार-बार होने वाली उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
कà¥à¤› सेकेंड के लिठबेहोशी
आà¤à¤–ों के आसपास या कान के पीछे की तà¥à¤µà¤šà¤¾ का नीला हो जाना
सामानà¥à¤¯ रूप से चलने या बात करने में परेशानी
नाक या कान से खून या पानी जैसा बहाव
सिर में सूजन या गडà¥à¤¢à¤¾
आप कà¥à¤¯à¤¾ कर सकते हैं?
बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में थोड़ी देर के लिठà¤à¤• साफ बैंडेज या कपड़े के साथ घाव पर दबाव डालकर मदद मिल सकती है। लेकिन अगर यह कट गंà¤à¥€à¤° है, तो मेडिकल मदद की जरूरत पड़ सकती है। सूजन की जगह पर ठंडी सिंकाई करने से खून के जमाव और तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सूजन में मदद मिल सकती है। इससे तकलीफ à¤à¥€ थोड़ी कम हो सकती है और दरà¥à¤¦ से à¤à¥€ आराम मिल सकता है। आइस पैक लगाते समय इसे à¤à¤• साफ और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® कपड़े में लपेटकर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना चाहिà¤à¥¤ खà¥à¤²à¥‡ घाव पर सीधे बरà¥à¤« लगाने से आगे चलकर तकलीफ हो सकती है।
अगर घाव में कोई चीज फंसी हà¥à¤ˆ हो, तो उसे निकालने से बचें। अगले 24 घंटों तक अपने बचà¥à¤šà¥‡ पर नजर रखें। अगर चोट लगने के बाद आपका बचà¥à¤šà¤¾ सोना चाहता है, तो वह à¤à¤¸à¤¾ कर सकता है, लेकिन जब वह सोया हो तो उस पर लगातार अपनी नजर बनाठरखें। अगर उसमें अंदरूनी चोट के कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं या आपको कà¥à¤› असामानà¥à¤¯ लगता है, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° को कॉल करें।
कंकशन कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
अगर सिर पर कोई कà¥à¤²à¥‹à¤œà¥à¤¡ चोट लग जाà¤, तो उसे कंकशन कहते हैं। जब सिर पर लगने वाली किसी चोट में खोपड़ी में दरार न आà¤, लेकिन दिमाग का सामानà¥à¤¯ फंकà¥à¤¶à¤¨ थोड़े समय के लिठबदल जाà¤, तो उसे कà¥à¤²à¥‹à¤œà¥à¤¡ इंजरी कहते हैं। à¤à¤¸à¥€ इंजरी जोर से हिलाने से, गिरने से या तेज à¤à¤Ÿà¤•े से हो सकती है। बार-बार à¤à¤¸à¤¾ होने से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को सà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ नà¥à¤•सान हो सकता है।
धà¥à¤‚धला दिखना, अटकती हà¥à¤ˆ बोली, उनींदापन और उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, टेंपरेरी मेमोरी लॉस, सिर दरà¥à¤¦, संतà¥à¤²à¤¨ बनाने में परेशानी आदि बचà¥à¤šà¥‡ में कंकशन के कà¥à¤› संकेत हैं। लेकिन आमतौर पर कंकशन के अधिकतर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ तातà¥à¤•ालिक होते हैं और बचà¥à¤šà¤¾ बिना किसी लंबे चलने वाले नà¥à¤•सान के, थोड़े समय के बाद ही पूरी तरह से इससे ठीक हो सकता है। कंकशन से निपटने के कà¥à¤› टिपà¥à¤¸ नीचे दिठगठहैं:
इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें, कि सिर में चोट लगने के बाद बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤°à¤ªà¥‚र आराम करे।
घटना के तà¥à¤°à¤‚त बाद बचà¥à¤šà¥‡ को किसी तनावपूरà¥à¤£ शारीरिक à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ में शामिल नहीं होना चाहिà¤à¥¤
अगले 24 घंटों तक अपने बचà¥à¤šà¥‡ पर नजर रखनी चाहिठऔर किसी और सामानà¥à¤¯ बदलाव के ऊपर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को शांत रहने के लिठकहें। कंकशन के बाद दिमाग अगर ओवर-सà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¥à¤²à¥‡à¤Ÿ हो, तो इससे उसे ठीक होने में अधिक समय लग सकता है।
बचà¥à¤šà¥‡ को टीवी देखना, वीडियो गेम खेलना जैसी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ से बचना चाहिà¤, इनसे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बिगड़ सकती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सिर की चोट से बचने के तरीके
यहाठपर कà¥à¤› तरीके दिठगठहैं, जिनकी मदद से आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सिर की चोट से बचा सकते हैं:
इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें, कि खेलते समय आपका बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठउचित सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• गियर पहने।
किसी वाहन में यातà¥à¤°à¤¾ करते समय बचà¥à¤šà¥‡ को सीट बेलà¥à¤Ÿ जरूर लगाà¤à¤‚।
अपने घर को चाइलà¥à¤¡ पà¥à¤°à¥‚फिंग करने से घरेलू à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से बचा जा सकता है।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को हेड इंजरी से बचाने के लिà¤, गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ में उसे तेजी से हिलाने या थपà¥à¤ªà¤¡à¤¼ मारने से बचें।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ की योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं को समà¤à¥‡à¤‚ और उसके खतरों को कम करने की कोशिश करें। इससे आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ से à¤à¤• कदम आगे रह पाते हैं।
जब बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के सिर में चोट लगने की बात आती है, तो पेरेंटà¥à¤¸ अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤¸à¥‡ सवाल पूछते हैं, कि मेडिकल मदद कब लेनी चाहिठऔर फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¤¡ कैसे देना चाहिà¤à¥¤ सिर में चोट लगने के मामलों में चिंता होना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है, लेकिन यह समà¤à¤¨à¤¾ जरूरी है, कि इनमें से अधिकतर चोट मामूली होती हैं और इनके कोई खतरनाक नतीजे नहीं होते हैं। बà¥à¤°à¥‡à¤¨ इंजरी या बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के कारण होने वाली सिर की गंà¤à¥€à¤° चोटें काफी दà¥à¤°à¥à¤²à¤ होती हैं।
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